Tuesday, September 1, 2026

मुक्तक

हम नहीं आसान हैं तुम तोड़ तो न पाओगे
लग गई आदत जो मेरी छोड़ तो न पाओगे
हम वो पत्थर हैं जो समझो डिग गए तो डिग गए
लाख दोगे चोट पर तुम फोड़ तो न पाओगे